पुनर्जागरण

 

यूरोप में मध्यकाल में आए सांस्कृतिक आंदोलन को पुनर्जागरण कहते हैं यह आंदोलन इटली के फ्लोरेंस नगर से आरंभ होकर पूरे यूरोप में फैल गया इस आंदोलन का समय चौदहवीं शताब्दी से लेकर 17 वीं शताब्दी तक माना जाता है || पुनर्जागरण का अर्थ पुनर्जन्म होता है मुख्यता यह यूनान और रोम के प्राचीन शास्त्रीय ज्ञान की पुनः प्रतिष्ठा का भाव प्रकट करता है |

पुनर्जागरण के दौरान ज्योतिष शास्त्र में क्रांतिकारी परिवर्तन हुए और गणित भौतिकी रसायन शास्त्र चिकित्सा जीव विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में बहुमूल्य योगदान हुए | रोजर बेकन ने अपनी कृति सालामंञ हाउस में पुनर्जागरण के आदर्शवादी भावना को अभिव्यक्ति प्रदान की है पुनर्जागरण का अग्रदूत फ्लोरेंस नगर इटली के महान कवि दांते ( 1260 – 1321 ई ) ये ।

यूरोप में पुनर्जागरण के कारण

व्यापार तथा नगरों का विकास
  • पूरब से संपर्क
  • मध्यकालीन पंडित पथ की परंपरा
  • कागज तथा मुद्रण कला का अविष्कार
  • गुटेनबर्ग ने प्रिंटिंग प्रेस का आविष्कार किया
  • धर्म युद्ध :  ईसाई धर्म के पवित्र तीर्थ स्थल यरुशलम को लेकर सल्जुक तुर्को ( मुसलमान ) एवं ईसाइयों के बीच हुए युद्ध को धर्म युद्ध कहा गया युद्ध 11वीं से तेरहवीं सदी के मध्य हुआ तुर्कों की विजय हुई ‘
  • मंगोल साम्राज्य का संस्कृतिक महत्व मंगोल सम्राट कुबलाई खाँ का दरबार पूरब और पश्चिम के विद्वानों का मिलन स्थान था 12 से 72 ईसवी में प्रसिद्ध व्हेन इस यात्री मार्कोपोलो यहां आया था
सामंतवाद का ह्रास

कुस्तुनतुनिया का पतन ( पूर्वी रोमन साम्राज्य की राजधानी ) – 1453 ईस्वी में उस्मानी तुर्को ने कुस्तुनतुनिया पर अधिकार कर लिया कुस्तुनतुनिया के विद्वान भागकर यूरोप के देशों में शरण लिए | वह अपने साथ प्राचीन यूनानी और रोमन ज्ञान विज्ञान और चिंतन पद्धति को भी ले गए | यूरोप और पूर्वी देशों के बीच व्यापार का स्थल मार्ग बंद हो गया | अब जलमार्ग से पूर्वी देशों में पहुंचने का प्रयास होने लगा इसी क्रम में कोलंबस वास्कोडिगामा और मैगलेन ने अनेक देशों का पता लगाया ‘

प्राचीन साहित्य की खोज ‘-  पेटार्क दांते और बेकन जैसे विद्वानों ने प्राचीन ग्रंथों का विभिन्न भाषाओं में अनुवाद किया और लोगों को  अच्छे  विषयों से परिचित कराने का प्रयास किया |

मानव वादी विचारधारा का प्रभाव –  मानववाद विचारधारा का प्रवर्तक पेट्रार्क को माना जाता है. उसने बताया कि पहले मानव है फिर धर्म है उनका कहना था कि भगवान ने तो संसार को बनाया जरूर है लेकिन अब संचालन की जिम्मेदारी मानव की है |

इटली से ही पुनर्जागरण क्यों हुआ

इटली की भौगोलिक स्थिति अनुकूल थी वह भूमध्य सागर के मध्य में स्थित था | अतः इटली व्यापार का केंद्र बना व्यापारिक केंद्र होने से भौतिक संपदा आई इस संपदा ने सांस्कृतिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त किया | इटली की समृद्धि से व्यापारिक मध्यम वर्ग का उदय हुआ जिसने सामंत और पोप की परवाह करना बंद कर दिया |

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  • वैचारिक के दार्शनिक योगदान :  दांते ( 1260 – 132। ई ) पेट्रार्क (1304 – 1367 ई ) बोकेशिया ( 1313 – 1375 ई) मैकियावैली ( 1469 – 1567ई )
  • कलात्मक योगदान : पुनर्जागरण की भावना के पूर्ण अभिव्यक्ति इटली के तीन कलाकारों लियोनार्डो द विंची माइकल एंजेलो और राफेल की कृतियों में मिलती है
  • वैज्ञानिकों का योगदान
  • पुनर्जागरण का प्रभाव
  • पुनर्जागरण का प्रभाव मुख्य रूप से तत्कालिक धर्म राजनीतिक समाज साहित्य कला एवं विज्ञान पर परा
साहित्य के क्षेत्र में प्रभाव

मध्यकाल में लैटिन सुशिक्षित लोगों की भाषा थी .जो सामान्य व्यक्ति की समझ से बाहर थी | पुनर्जागरण काल में लैट्रिन की अध्ययन तो बड़ा साथ ही इतालवी जर्मन ट्रेंस स्पेनिश जैसी 8 भाषाओं में भी साहित्य का सृजन होने लगा |

नाटक विद्या का सूत्रपात भी पुनर्जागरण काल में हुआ

इसी काल में दांते ने  डिवाइन कॉमेडी ,टॉमस मूर ने युटो पिया और चौसर ने कैंटरबरी टेल्स की रचना की

इसी काल में यूरोप के लगभग सभी देशों में प्रांतीय भाषाओं में मानवतावादी विचारों से ओतप्रोत रचनाएं हुई इन रचनाओं ने विभिन्न भाषाओं के विकास का मार्ग प्रशस्त किया |

पुनर्जागरण का प्रभाव

पुनर्जागरण काल के सर्वश्रेष्ठ निबंधकार फ्रांसिस बेकन (इंग्लैंड) थे ‘ इरासमस ने द पेज ऑफ होली पुस्तक में पादरियों के अनैतिक जीवन और ईसाई धर्म की कृतियों पर व्यंजय किया गया ‘|

  • मार्टिन लूथर किंग ने जर्मनी  भाषा में बाइबील का अनुवाद  किया.
  • रोमियो एंड जूलियट शेक्सपियर ( इंग्लैंड )की अमर कृति है.
  • पुनर्जागरण के दौरान डच और जर्मन कलाकारों में हाल्वेल और अल्बर्ट ड्यूर उल्लेखनीय है उन्होंने शास्त्रीय साहित्य की अपेक्षा अपने आसपास दैनिक जीवन में अधिक रूचि प्रदर्शित की जिससे वैज्ञानिको  के क्षेत्र में जर्मनी इटली से भी बहुत तेजी से आगे निकल गया
  • इसी दौर में जर्मनी के जॉन गुटेनबर्ग ने प्रिंटिंग प्रेस की खोज की
प्रमुख साहित्यकार एवं उनका योगदान

दांते ( 1260 – 1321 ई )

पुनर्जागरण में सबसे पहला नाम फ्लोरेंस नगर इटली के महान कवि दांते का है.

प्राचीन लैटिन भाषा छोड़कर तत्कालीन इटली की बोलचाल की भाषा टशक्न में डिवाइन कॉमेडी नामक काव्य लिखा इसमें दान देने स्वर्ग और नरक की एक काल्पनिक यात्रा का वर्णन किया है.

पेट्रांक (1304 – 1367 ई )

  • घंटे के बाद पुनर्जागरण को आगे ले जाने वाला दूसरा व्यक्ति पेट्रोक था ट्रक को मानववाद का जनक माना जाता है

बोकेशिया ( 1313 – 1375 ई )

  • इतालियन गद्य का जनक कहानीकार मुकेश को को माना जाता है मुकेश सीओ की प्रसिद्ध पुस्तक डेकामेऑन है ‘

मैकियावेली ( 1469 -1567 ई )

  • आधुनिक विश्व के पहले राजनीतिक चिंतक फ्लोरेंस निवासी मैकियावेली थे मैकियावेली के द प्रिंस किताब राज्य की एक नई तस्वीर दिखाती है
कला के क्षेत्र में प्रभाव
  • धर्म द्वारा प्रतिपादित विषय को चित्रकला के माध्यम से प्रकट करना कलाकारों का उद्देश्य था | मोनालिसा और द लास्ट सपर जैसे विश्व प्रसिद्ध चित्र इसी काल में बनाए गए |
  • स्थापत्य कला एवं मूर्तिकला के क्षेत्र में श्रृंगार सजा अलंकरण मेहराब और स्तंभों की प्रधानता होने लगी |
  • इस काल में भारतीय संगीत लोकप्रिय हो गया और नए वाद्य यंत्र का आविष्कार भी हुआ आधुनिक ओपेरा का जन्म इसी काल में हुआ था |
  • पुनर्जागरण की भावना के पूर्व अभिव्यक्ति इटली के तीन कलाकारों लियोनार्डो द विंची माइकल एंजेलो और राफेल की कृतियां में मिलती है ‘
प्रमुख कला एवं उनके योगदान

लियोनार्डो द विंची

  • लियोनार्डो द विंची एक चित्रकार मूर्तिकला इंजीनियर वैज्ञानिक दार्शनिक कवि और गायक था द लास्ट सपर और मोनालिसा नामक अमर चित्र को बनाने वाले लियोनार्डो द विंची थे

माइकल एंजेलो

  • द लास्ट जजमेंट ‘ द फॉल ऑफ मैन और सिस्तान के गिरजा घर की छत की चित्र , डेविस एवं पियाथा ,मूर्ति माइकल एंजेलो की कृतियां है

राफेल

  • उन्होंने जीसस क्राइस्ट की मां मैडोना का चित्र राफेल ने बनाया था
विज्ञान के क्षेत्र में प्रभाव
  • इंग्लैंड के रोजर बेकर को आत्याधुनिक प्रयोगात्मक विज्ञान का जन्मदाता माना जाता है
  • अभी तक प्रचलित यह विचारधारा थी कि पृथ्वी विश्व के केंद्र में है और सूर्य उसके चारों ओर घूमता है इसे पोलैंड के वैज्ञानिक कॉपरनिकस ने झूठा सिद्ध कर दिया और यह सिद्ध कर दिया कि सूर्य के चारों ओर पृथ्वी घूमती है
  • इटली के गैलीलियो 1560 से 1642 ,ने टेलिस्कोप के आविष्कार कर कॉपरनिकस के सिद्धांत को गलत सिद्ध किया |
  • जर्मन के प्रसिद्ध वैज्ञानिक के केप्लर 1571 1630 श्री ने गणित की सहायता से यह बतलाया कि ग्रा सूर्य के चारों ओर किस प्रकार घूमते हैं |
  • इंग्लैंड के न्यूटन 1642 1726 ई )ने गुरुत्वाकर्षण का नियम की खोज की |
  • इसी दौर में जर्मनी के जॉन गुटेनबर्ग ने प्रिंटिंग प्रेस की खोज की |
  • बेल्जियम के प्रसिद्ध शल्य चिकित्सक बेसेलियस ने मानव शरीर रचना एवं विलियम हार्वे ने रक्त परिसंचरण तंत्र के विस्तृत जानकारी दी |
  • 13वे पोप ग्रेगरी ने लीप वर्ष के आधार पर 100 वर्ष को प्रस्तुत किया जो ग्रेगोरियन कैलेंडर के नाम से प्रसिद्ध हुआ |
नवीन व्यापारिक मार्गों की खोज एवं महान समुद्री यात्राएं
  • कुस्तुंतुनिया के पाटन के बाद यूरोप और पूर्वी देशों के बीच व्यापार का स्थल मार्ग बंद हो गया | अब जलमार्ग से पूर्वी देशों में पहुंचने का प्रयास होने लगा इसी क्रम में कोलंबस ,वास्कोडिगामा और मैगलेन ने अनेक देशों का पता लगाया |
  • अमेरिका एवं भारत तक जाने के समुद्री मार्ग की खोज |
  • प्रशांत महासागर का नामकरण स्पेन निवासी मैगलेन ने किया

 

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