ed ka full form क्या होता है, ED का मुख्यालय कहां है

क्या आप जानते हैं की ED क्या होता है ed ka full form क्या होता है, ED का मुख्यालय कहां है और ED की शुरुआत कब हुई थी एवं इससे संबंधित और भी प्रश्न जो कि आपके मन में आ रहे हैं उन सभी सवालों को हम इस आर्टिकल में पूरी विस्तार से जानेंगे आप इस आर्टिकल को पूरा पढे ।

अक्सर आपने न्यूज़ चैनल और न्यूज़पेपर के जरिए ईडी(ED) का नाम तो जरूर सुना होगा जब भी कभी हाई प्रोफाइल केस की बात होती है जैसे: नीरव मोदी, विजय माल्या कि केस तो ईडी(ED) का नाम भी आता है, ईडी भारत सरकार के फाइनेंस मिनिस्टर के रेवेन्यू डिपार्टमेंट का एक हिस्सा है जो भारत में फॉरेन एक्सचेंज और मनी लौड्रिंग  या आय से ज्यादा संपत्ति होने पर उसकी जांच करना ईडी(ED) का काम होता है

ईडी(ED) की फुल फॉर्म क्या होती है

ed ka full form: Directorate of enforcement ( देकोरेटेड इन्फोर्समेंट ) होता है जिसे हिन्दी में प्रवर्तन निदेशालय कहते है

भारत में वित्तीय कानून को लागू करने का अधिकार ED को दी गई है या एक law enforcement agency और economic Intelligence Agency है |

ED क्या है ?(ED kya hai )

ईडी का पूर्ण रूप प्रवर्तन निदेशालय है। ईडी एक आर्थिक खुफिया संगठन है जो अर्थशास्त्र के कानूनों को लागू करता है और देश में वित्तीय अपराधों से बचाव करता है। ईडी राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत आता है। ईडी की स्थापना 1956 में हुई थी। मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।

ईडी(ED)का हेड क्वार्टर कहाँ है |

ईडी का हेड क्वार्टर नई दिल्ली में है और इसके 5 रीजनल ऑफिस हैं मुंबई, चेन्नई ,कोलकाता, चंडीगढ़ और दिल्ली में स्थित है | इसके विभिन्न शहरों में भी उप-क्षेत्रीय कार्यालय हैं। यह भारतीय राजस्व सेवा, भारतीय पुलिस सेवा, भारतीय कॉर्पोरेट कानून सेवा और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों से बना है।

ऑफिस के हेड डायरेक्टर्स स्पेशल डायरेक्टर ऑफ इंफोर्समेंट ( special director enforcement ) होते हैं जबकि ED के हेड डिप्टी डायरेक्टर होते हैं |

ED की सुरुआत कब हुई

ईडी की शुरुआत एक इंफोर्समेंट यूनिट के रूप में डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स में 1 मई 1956 को हुई थी. इस यूनिट का काम फॉरेन एक्सचेंज रेगुलेशन एक्ट 1947 के तहत एक्सचेंज कंट्रोल Law वायलेशन का हैंडल करना था |

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साल 1957 में इस यूनिट को (enforcement Directorate )एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट नाम दिया गया इस निदेशालय का सबसे पहला काम भारत सरकार के 2 act का परिवर्तन करना है

यह 2act है :

  • FEMA : foreign exchange management act 1999
  • PMLA : prevention of money laundering act 2002

पहले FEMA के जगह FERA (foreign exchange management act 1999) था जो कि एक रेगुलेटरी law था, जिसकी समाप्त होने के बाद उसकी जगह FEMA को लागू किया गया |

FEMA एक सिविल लॉ है जबकि PMLAएक अपराधिक कानून है |

FEMA कानून क्या है ?

(ED) FEMA और पीएमएल के कानूनों का नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ केस फाइल करती है और इसकी जांच करती है.FEMAका उद्देश्य देश में विदेशी मुद्रा को बढ़ावा देना है विदेशी मुद्रा को बढ़ावा देने से देश में इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट और एक्सपोर्ट  को बढ़ावा मिल सकता है |

FEMA भारत में रह रहे व्यक्ति को यह आजादी देता है की वह विदेशों में अपना जमीन और घर खरीद सके और उसका मालिक बन सके और अपना मालिकाना हक भी किसी और को दे सके लेकिन कोई इस कानून के नियम को तोड़ता है तो उस पर ईडी करवाई भी कर सकती है |

PMLA कानून क्या है ?

पीएमएलए एक्ट यह मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है. मनी लॉन्ड्रिंग का मतलब गलत तरीके से कमाए हुए पैसे को लीगल मनी के रूप में दिखाया जाता है जिसे money-laundering कहते हैं.

मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए पैसे को ऐसे कामों में उपयोग किया जाता है की इन्वेस्टिंग एजेंसी को भी उस पैसे के सोर्स का पता ना चल पाए और इस money-laundering का पता लगाने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति पर मुकदमा दायर करने और ब्लैक मनी को जप्त करने का काम ईडी करती है |

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FEMA और PMLA पूरे देश पर लागू होता है इसीलिए इसके खिलाफ किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती है,FEMA की केस सिविल कोर्ट में जाती है जबकि पीएमएलए की केश को क्रिमिनल कोर्ट में भेजे जाते हैं |

ED का काम क्या होता है

 

जैसा की आप ऊपर के आर्टिकल में जाने होंगे की ed ka full form क्या होता है औए अब जानलेते है की ED का काम क्या होता है |

इस एजेंसी का काम समस्या की जांच करना है और लोन लेकर भागे हुए व्यक्ति को ढूंढती है, ब्लैक मनी से खरीदी हुई संपत्ति को जप्त करती हैं और इस तरह के अपराध से संबंधित व्यक्ति को पकड़ती है और आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने जैसी काम भी करती है |

ईडी का काम फेमा, 1999 के उल्लंघनों से संबंधित जानकारी एकत्र करना, रिपोर्ट बनाना और वितरित करना है।

ईडी फेमा 1999 और फेरा, 1973 के तहत उल्लंघन के मामलों के प्रबंधन और निपटान के लिए भी जिम्मेदार है। वह किसी भी उल्लंघन के दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति पर लगाए जाने वाले दंड का निर्णय करने वाला भी है।

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हम उम्मीद करते हैं कि आज के इस आर्टिकल में आप पूरी विस्तार से जाने होंगे कि ed ka full form क्या होता है, ED का मुख्यालय कहां है और ED की शुरुआत कब हुई,अगर आपके मन में ईडी से संबंधित कोई और प्रश्न आ रहे हैं तो आप हमें कॉमेंट बॉक्स में कमेंट करके बता सकते हैं

 

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