इंटरनेट का मालिक कौन है | इंटरनेट कहाँ और कैसे बनती है

इंटरनेट का मालिक कौन है : दोस्तों आज के दिनों में इंटरनेट हमारे जीवन का एक हिस्सा बन चूका है. इसके बिना जिंदगी अधूरी सी हो जाती है क्योकि आज की हर काम को इंटरनेट से जोर दिया गया है। लेकिन जब भी आप इंटरनेट का उसे करते है तो आपके मन में यह सवाल तो जरूर आते होंगे की आखिर इस इंटरनेट का मालिक कौन है तो आईये इस आर्टिकल के जरिये इंटरनेट से जुड़ी हर सवाल के बारे में जानते है।

इंटरनेट का मालिक कौन है ? ( internet ka malik kaun hai )

आज के दिनों में इंटरनेट का हम इतना उपयोग करते है की जो भी व्यक्ति इस इंटरनेट का मालिक होगा वह इंसान दुनिया के सबसे आमिर इंसान होगा लेकिन आप को जान कर हैरानी होगी की इस इंटरनेट का कोई मालिक नहीं है और ना ही यह किसी सरकार के नियंत्रण में होता है।

इंटरनेट एक बहुत ही बरी और स्वतंत्र को-ऑपरेशन है। इसका मतलब है की इंटरनेट पर किसी भी व्यक्ति ,सरकार या संस्था का कोई अधिकार नहीं है। लेकिन कुछ ऐसे एजेंसी है जो की इंटरनेट के गाइडलाइन का पालन कर इसे काम करे में मदद करती है।

इंटरनेट क्या है? ( internet kya hai )

एक तरह से कहा जाये तो इंटरनेट दुनिया भर में एक फैला हुआ जल है जो परस्पर नेटवर्क (interconnected networks) का बना होता है और एक दुसरे से जुड़ने के लिए मानकीकृत संचार प्रोटोकॉल (standardized communication protocols) का इस्तेमाल करती है।

इंटरनेट की भाषा में इस जल को मिडिया या Transmission media बोला जाता है। यह जल एक बाल जैसा पतला तार होता है जिसमे बहुत से जानकारी text, image, mp3 और video के रूप में उपलब्ध रहती है।

Router और Server के जरिये इसपे उपलब्ध जानकारी को एक से दूसरे जगह भेजा जाता हैं। Router और Server ही दुनिया में उपलब्ध सभी कंप्यूटर को एक साथ जोरती है। जब किसी इन्फॉर्मेशन को एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में भेजा जाता है तो IP (internet Protocol) काम करता है।

इंटरनेट कहाँ और कैसे बनता है (Where and how is the Internet made )

यह तो आप समझ चुके होंगे की इंटरनेट दुनिया भर में उपस्थित देता का एक जाल है, जो भी जानकारी को लेने के लिए हम इंटरनेट पे सर्च करते है वह जानकारी पहले से किसी न किसी सर्वर पे उपलब्ध रहती है और वह जानकारी सर्वर के जरिये ही हम तक पहुँचती है तो हमें इसी जानकारी के मिलने से और सर्वर को एक दूसरे के साथ जुड़ने से इंटरनेट बनता है।

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ये सभी सर्वर एक ऑप्टिकल फाइवर केबल (Optical Fiber Cable) के जरिये जुड़े होते है। यह केबल बहुत ही पतला होता है पर इसमें जानकारी को आदान-प्रदान करने की क्षमता बहुत ज्यादा होती है।

समुन्द्र में फैले इन ऑप्टिकल फाइबर केबल में ही इंटरनेट का अधिकतम हिस्सा होता है। पहले के दिनों में सिर्फ इसी के जरिये नेट का कनेक्शन लोगो को दिया जाता था पर आज के दिनों में कुछ टेलिकॉम कम्पनिया अपना सेटेलाइट के जरिये स्मार्ट फ़ोन यूजर को नेट की सुविधा को दे रही है।

इंटरनेट को लोगो तक कैसे पहुंचाया जाता है ?

इंटरनेट का मालिक कौन है | इंटरनेट कहाँ और कैसे बनती है
                                                     इंटरनेट का मालिक कौन है |

लोगो तक इंटरनेट की सुवुधा को पहुंचने के लिए सर्विस प्रोवाइडर होते है जिनको तीन भागो में बटा जाता है, इन्हे 3 टियर कहा जाता है। इनके काम को कुछ इस तरह बता जाता है:

पहली टियर :- इसमें वह कम्पनिया होती है जो समुन्द्र में Optical Fiber Cable को बिछाया होता है और सभी देशो को एक दूसरे से कनेक्ट किया होता है, इन्ही केबल के जरिये हम इंटरनेट को चला पाते है.यह कम्पनिया नेशनल लेवल के कंपनियों से पैसे को लेती है। पहले टियर में Sprint, Usa Slovakia, PLDT, Centernet कम्पनिया आती है।

दूसरे टियर :- इसमें नेशनल लेवल के कम्पनिया होती है जैसे: JioAirtel, VI जो लोकल internet प्रोवाइडर को इंटरनेट प्रोवाइड करती है।

तीसरे टियर:- इसमें छोटे इंटरनेट प्रोवाइडर कंपनिया होते है जैसे: hathway, spectra net ऐसे कंपनियों से हम महीने के हिसाब से पयेमेंट कर इंटरनेट का उपयोग करते है और ये सब कम्पनिया नेशनल कंपनियों को पैसा देती है।

जब हम अपने मोबाइल में किसी सीम का डाटा प्लान को रिचार्ज करते है तो वह पैसा सीधे नेशनल लेवल के कंपनियों तक जाती है उसके बाद वहा से इंटरनेशनल लेवल के कंपनियों तक पहुंच जाती है।

इंटरनेट का इतिहास क्या है

इंटरनेट क्या है ये तो जान ही गए होंगे आप अब आइये इंटरनेट से जुड़ी कुछ पुरानी बातो को जानते है।

सन् 1957 में दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान अमेरिका ने खास टेक्नोलॉजी के निर्माण के लिए एक संस्था ARPA (Advanced Research Projects Agency) की स्थापना किया था। इसी टेक्नोलॉजी के जरिये एक कंप्यूटर को दूसरे कंप्यूटर से जोड़ा जा सकता था।

सन 1969 में इस संस्था ने नेट को खोजा था जिसका नाम अपने नाम पे ARPANET दिया बाद में सन 1980 में इसका नाम बदल कर internet कर दिया गया। इस टेक्नोलॉजी को नई मोर 1 January 1983 में मिला जब इंटरनेट ने IP( Internet Protocol) को अपने अंदर लिया, IP को अपने अंदर लेकर इस टेक्नोलॉजी ने एक बहुत बरा नेटवर्क बना लिया और आज के दिनों में इंटरनेट इंसान की जरुरत बन गयी है।

भारत में इंटरनेट की शुरुआत कब हुई

इस टेक्नोलॉजी को भारत में VSNL (Videsh Sanchar Nigam Limited) के द्वारा 14 August 1995 में लाया गया, इसके बाद ही भारत में भी लोग इंटरनेट की सुवीधा को लेने लगे।

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अंतिम शब्द

दोस्तों इस आर्टिकल के जरिये हमने बताया की इंटरनेट का मालिक कौन है, इंटरनेट क्या है, इंटरनेट कैसे काम करता है, इंटरनेट की इतिहास, भारत में इंटरनेट की शुरुआत कब हुई और इंटरनेट को लोगो तक कैसे पहुंचाया जाता है। हमें उम्मीद है की आप को दी हुई जानकारी अच्छी लगी होगी।अगर जानकारी अच्छी लगी हो तो आप हमें कमेंट जरुर करे.

 

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