मैंग्रोव वनस्पति क्या है ( mangrove forest in hindi )

आज के इस आर्टिकल में हम लोग जानेंगे मैंग्रोव वनस्पति क्या है mangrove forest in hindiसुंदरवन डेल्टा क्या है और उनसे संबंधित अन्य बातों को भी हम पढ़ेंगे तो आर्टिकल को पूरा पढ़ें :

मैंग्रोव वन क्या है ( what is mangrove forest )

आसान शब्दों में कहें तो मैंग्रोव वन (mangrove forest )  पेड़ों और झाड़ियों का एक ऐसा समूह है जो कि तटीय और खारे पानी में पनपते हैं. यानी मैंग्रोव वन समुद्र या बड़े तलाब के पास दलदली इलाकों में उगने वाले वनस्पतियों को मैंग्रोव वन कहते हैं जो छोटे पेड़ झाड़ी से लेकर बड़े पेड़ के आकार के हो सकते हैं इन्हें वेलाचलीअनूप वन एवं कच्छ वनस्पति भी कहा जाता है |

यह समुद्र तट दो एवं नदियों के मुहाने पर स्थित ज्वारीय दलदली भूमि पर पाए जाते हैं |  खासतौर से खारे पानी में इनका विकास होता है | यह ऑक्सीजन की कमी और दैनिक ज्वारीय  अप्लावन जैसे सीमा कारिक कारकों के बीच भी अपने अस्तित्व को बनाए रखते हैं | मैंग्रोव वन में मुख्यतः 25 डिग्री उत्तर और 25 डिग्री दक्षिणी अक्षांशों के बीच उष्णकटिबंधीय एवं उपोष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं | मैंग्रोव की करीब 80 प्रजातियां हैं जो उष्णकटिबंधीय इलाकों में उगती है |

एशिया में दुनिया का सबसे बड़ा कवरेज है इसके बाद अफ्रीका उत्तरी और मध्य अमेरिका ओशिनिया और दक्षिण अमेरिका है मैंग्रोव वन ( mangrove forest  )पृथ्वी पर सबसे अधिक उत्पादक और विविध पारिस्थितिक तंत्रों में से एक है इसीलिए पर्यावरण के लिए इन्हें काफी अहम माना जाता है |

मैंग्रोव वन से क्या फायदा है

मैंग्रोव वन का पारिस्थितिक समुद्री घास और कोरल रीफ की तरह ही है जहां मैंग्रोव और समुद्री घास ,गाद और प्रदूषको को समुद्र के अंदर जाने से रोकते हैं और कोरल रीफ को जिंदा रखते हैं |

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कोरल रीफ विनाशकारी समुद्री लहरों की ताकत को कम करके मैंग्रोव वन एवं समुद्री घास को बचाती है इस तरह मैंग्रोव वन का इको सिस्टम इस सहजीविता का आधार तैयार करता है |

मैंग्रोव वनस्पति ज्वारीय क्षेत्रों में मिट्टी रोककर रखने में सक्षम है मैंग्रोव वनस्पति या ज्वार भाटा के बीच पनपती रहती है और इनकी जड़ें बहती मिट्टी को रोक लेती है मैंग्रोव वन के कारण तट की ढलान से समुद्र की लहरों का वेग धीमा हो जाता है |

मैंग्रोव का जंगल कई दुर्लभ जानवर एवं पक्षियों का निवास स्थल है अनेक प्रकार के शैवालो और मछलियों द्वारा जड़ों का प्रयोग आश्रय द्वारा होता है मैंग्रोव वन की आपस में जुड़ी हुई जड़े छोटे जीवो को बड़े परभक्षी से रक्षा करते हैं ।

भारत में मैंग्रोव वन की क्या स्थिति है

भारत में मैंग्रोव वन का फैलाव कई राज्यों के समुद्र तट रेखा तक फैली है | पूर्वी तट पर पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में वही पश्चिमी तट पर गुजरात में मैंग्रोव के घने जंगल हैं | आपको बता दें कि भारत के 2 राज्य पश्चिम बंगाल में यह तट रेखा सबसे छोटी है और गुजरात में जहां तट रेखा की लंबाई सबसे ज्यादा है वहां मैंग्रोव वन का घाणा फैलाव है | दूसरे राज्य में उड़ीसा ,तमिलनाडु और केरल के अलावा अंडमान में भी मैंग्रोव वन देखने को मिलता है ।

सुंदरवन डेल्टा क्या है |

भारत और बांग्लादेश की सीमा पर बसा सुंदरवन दुनिया का सबसे बड़ा मैंग्रोव जंगल है । जो यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल है | भारत में सुंदरवन का क्षेत्र 9630 किलोमीटर वर्ग में फैला हुआ है | जिसमें 4263 वर्ग किलोमीटर में मैंग्रोव वन (mangrove forest ) विद्यमान है| मैंग्रोव को यहां पर सुंदरी भी कहा जाता है | जिस वजह से इस जगह का नाम सुंदरवन पड़ा | सुंदरवन कई वनस्पतियों एवं वन्यजीवों की प्रजातियों के अलावा बंगाल टाइगर का भी घर है |

सुंदरवन भारत एवं बांग्लादेश में स्थित विश्व का सबसे बड़ा नदी बेलतरा है यहां की नरभक्षी बाघ बंगाल टाइगर के नाम से विश्व भर में प्रसिद्ध है |

1757 ईस्वी में ईस्ट इंडिया कंपनी ने सुंदरवन के सारे अधिकारों को मुगल सम्राट आलमगीर द्वितीय से ले लिए थे इसके बाद 1860 में फॉरेस्ट डिपार्टमेंट बनने के बाद अंग्रेजों ने सुंदरवन का संरक्षण किया ।

सुंदरवन में स्तनधारियों के 50 से अधिक प्रजातियां निवास करती है जिसमें बंगाल टाइगर सबसे महत्वपूर्ण है 68 रेंगने वाले जीवों की प्रजातियां और 300 से अधिक पक्षियों की प्रजातियां शामिल है|

सुंदरवन में ट्रांसपोर्ट का एकमात्र माध्यम नाव है क्योंकि यहां इंसान जंगल के रास्ते तो बाहर आ ही नहीं सकते हैं जबकि पानी के रास्ते से आसानी से बाहर निकल सकता है |

सुंदरवन दक्षिण एशिया के सबसे गरीब और सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है जिसमें अनुमानित 8 मिलियन लोग रहते हैं सुंदरवन के स्थानीय लोगों का मुख्य व्यवसाय मत्स्य पालन शहद उत्पादन और कृषि है |

मैंग्रोव वनों के सामने चुनौतियां क्या – क्या है |

मैंग्रोव वनस्पति क्या है mangrove forest in hindi
   mangrove forest in hindi

अगर चुनौतियों की बात करें तो भारत में बैंगलोर जंगल के संरक्षण की राह में कई चुनौतियां हैं देश में मैंग्रोव वन (mangrove forest ) के अधिकता वाले सभी इलाकों में या तो आबादी का दबाव है या औद्योगिक विकास का मिसाल के तौर पर भारत के पूर्व में पश्चिम बंगाल की सीमा पर घनी आबादी बसी हुई है तो वहीं पश्चिमी तट पर घनी आबादी के अलावा उद्योग लगे हुए हैं और कई इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट प्रस्तावित है |

मैंग्रोव वनों (mangrove forest ) का दोहन ना सिर्फ एक्वा कल्चर के लिए बल्कि तटबंधो तथा मानवीय आवासों के लिए भी हुआ है | इंडियन इंस्टिट्यूट और साइंस के शोधकर्ताओं के मुताबिक पिछली एक सदी में भारत में मैनग्रोव फॉरेस्ट 40 फ़ीसदी घट गए हैं | लेकिन इन पर छाया संकट कम नहीं हो रहा है |

जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्र मैंग्रोव वनों को पीछे धकेल रहा है लेकिन जिन इलाकों में आबादी ज्यादा है वह मैंग्रोव वनों के पीछे नहीं आने देती है | जिन जगहों पर उद्योगों को लगाने के लिए कॉन्ट्रैक्ट किए जा चुके हैं वहां भी इसे नष्ट होने से बचाना मुश्किल है | एक बार जब मैंग्रोव वन का हिस्सा खत्म कर दिया जाता है तो उसे रिस्टोर होने यानी वापस से उगने में 10 को वर्ष लग जाते हैं |

झींगा के उत्पादन के लिए तलाब बनाने की वजह से मैंग्रोव वनों को साफ किया जा रहा है

आगे की राह क्या हो

मैंग्रोव वनों (mangrove forest ) को बहाल करने से न केवल पर्यावरण बल्कि अर्थव्यवस्थाओं को भी मदद मिलती है | पारिस्थितिक तंत्र के बहाली के लिए संयुक्त राष्ट्र दशक यानी 2021 से 2030 का लक्ष्य दुनिया भर में पारिस्थितिक तंत्र के क्षरण को रोकथाम और उस पर विराम लगाना है ।

हमें मैंग्रोव वनों(mangrove forest ) के बचाने की दिशा में तुरंत कारगर कदम उठाने चाहिए सरकार को ऐसी नीतियां बनाने की जरूरत है जिससे मैंग्रोव वनों के क्षेत्र में बढ़ते जनसंख्या के दबाव को कम किया जा सके |

मैंग्रोव जंगलों को बचाने के लिए वनोन्मूलन पर रोक लगाना और वनीकरण को बढ़ावा देने की जरूरत है . जैव तकनीकी के माध्यम से मैंग्रोव का संरक्षण एवं पुण : स्थापन किया जा सकता है ।

यहां विद्यमान पर पौधों की प्रजातियों को सुरक्षा प्रदान करने की जरूरत है. ताकि वे लवणता की स्थिति में होने वाले परिवर्तन को सह सके और साथ ही साथ स्थानीय समुदायों को फायदा भी पहुंचाया सके । साथ ही ऐसे क्षेत्रों के संकटग्रस्त जीव एवं वनस्पतियों की सुरक्षा को बढ़ावा दिया जाना चाहिए |

मैंग्रोव वनों के फायदा के प्रति स्थानीय समुदायों को जागरूक करने और उनके समस्याओं को समाधानओं को लागू करने की जरूरत है | मैंग्रोव वाले क्षेत्रों में सामान्य पर्यटन के जगह इको पर्यटन की बढ़ावा देने की जरूरत है ।

समुद्र स्तर में वृद्धि के बुरे प्रभाव का मुकाबला करने के लिए तटो तक कीचड़ को पहुंचाना या इसे बनाए रखना आवश्यक है |

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दोस्तों उम्मीद करता हूं कि आप इस आर्टिकल में पूरी विस्तार से समझे होगें की मैंग्रोव वनस्पति क्या है mangrove forest in hindi  | सुंदरवन डेल्टा क्या है अगर यह आर्टिकल आपको पसंद आया हो तो आप अपना प्यार हमें कमेंट बाँक्स मे दे सकते हैं : धन्यवाद

 

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