Msp full form in Hindi | Msp kya hai

क्या आप जानते हैं कि Msp kya hota hai|Msp full form in Hindi क्या होता है अगर नहीं जानते तो हम इस आर्टिकल में बिस्तार से जानेंगे msp kya hai, इसे कब और क्यों लागू किया गया है ,भारत के किसानो पर इसका क्या असर परेगा | इन सभी के बारे में बिस्तार  पढेंगे |

Msp क्या है in Hindi?

बीते दिनों सांसद ने तीन कृषि कानून पारित किए जिसमें एमएसपी minimum support price प्रणाली को बनाए रखते हुए किसानों को अपने उपज बेचने के लिए बाजारों की भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया गया |

जहां पंजाब राज्य ने केंद्र के इन प्रभाव को कम करने के लिए इससे जुड़े संशोधित कानून पारित कर दिए, वहीं केरल राज्य ने केंद्रीय कानूनों से हटकर सब्जियों के लिए भी न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी ( MSP ) की घोषणा कर दी |

जहां एक ओर वर्तमान एमएसपी ( MSP ) प्रणाली की सीमा को उजागर कर दिया ,वहीं केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए कृषि कानूनों को एक ठोस आधार प्रदान किया |

Msp full form in hindi

हिंदी में msp ka full form: न्यूनतम समर्थन मूल्य होता है वही अंग्रेजी में msp का फुल फॉर्म की बात करें minimum support price होता है जो सरकार किसानों के लिए रेट प्राइस तय करती है|

न्यूनतम समर्थन मूल्य क्या होता है

MSP यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य वह व्यवस्था है जो किसानों को उनके उपज के लिए पारिश्रमिक के तौर पर एक न्यूनतम राशि दीया जाना सुनिश्चित करती है  |

इस व्यवस्था के तहत सरकार किसी फसल के लिए एक न्यूनतम मूल्य तय करती है इसका भुगतान सरकारी एजेंसियों द्वारा किसी विशेष फसल की खरीद पर किया जाता है|

एमएसपी की शुरुआत कब की गई ?

MSP व्यवस्था की शुरुआत 1960 के दशक के मध्य में की गई थी. हरित क्रांतिओ के लाभ को सुनिश्चित करने और देश में खाद्यान्न की बढ़ती मांग को घरेलू स्तर पर पूरा करने के लिए सरकार गेहूं और धान जैसी फसलों का उत्पादन बढ़ाना चाहती थी|

लेकिन किसान बिना किसी निश्चित लाभ के ऐसी अधिक लागत वाली फसलों को उपजाना नहीं चाहते थे|

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किसानों की चिंता इस बात को लेकर थी कि अगर किसी फसल का उत्पादन बहुत ज्यादा हो गया तो उन्हें उस फसल के अच्छे दाम नहीं मिल पाएंगे और संभवत उनकी लागत भी नहीं निकल पाएगी.

किसानों की इन चिंताओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अगस्त 1964 में एलके झा के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया गया. जिसका काम अनाजों की कीमतें तय करना था |

समिति की सिफारिशें लागू होने के बाद 1966  में पहली बार गेहूं के लिए ₹54 प्रति क्विंटल के हिसाब से एमएसपी का निर्धारण किया गया |

इस व्यवस्था के शुरुआत में केवल गेहूं के लिए एमएसपी लागू किया गया था जिसके चलते किसान बाकी फसलों को छोड़कर सिर्फ गेहूं की फसलें उगाने पर ज्यादा जोर देने लगे और अन्य अनाजों का उत्पादन कम हो गया  |

इस स्थिति से बचने के लिए सरकार ने धान, तिलहन जैसी फसलों पर भी एमएसपी देना शुरू कर दिया |

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आंकड़े बताते हैं कि 1970 -71 में गेहूं और धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य क्रमशः ₹76 और ₹54 प्रति क्विंटल था जिसे वर्ष 2020 तक आते-आते क्रमशः ₹1975 और ₹1875 तक बढ़ाया जा चुका है|

एमएसपी कितने फसलो पर लगाई जाती है?

वर्तमान में केंद्र सरकार 23 फसलों के लिए एमएसपी ( MSP )  तय करती है जिसमें

  • 7 अनाज :  धान ,गेहूं, मक्का ,बाजरा ,ज्वार, रागी और जौ
  • 5  दाले : चना ,अरहर ,उड़द ,मूंग और मसूर
  • 7  तिलहन :(  रेपसीड -सरसों ) ,मूंगफली ,सोयाबीन, सूरजमुखी, सेसामम, सेफ्लावर और नाइजरसीड
  • वाणिज्यिक फसलें: कपास ,गन्ना और कच्चा जूट शामिल है|

न्यूनतम समर्थन मूल्य से हानि

सरकार के द्वारा जिन 23 फसलों के लिए एमएसपी (MSP) घोषित किया जाता है. उसमें से गेहूं और धान को छोड़कर बाकी फसलों की खरीद बहुत कम या नाम मंत्रा की ही की जाती है |

अगर गेहूं एवं धान की बात करें तो ऐसा नहीं है कि सरकार किसी वर्ष में तय किए गए एमएसपी पर गेहूं या धान की पूरी पैदावार की खरीद कर पाती है |

वर्ष 2019 – 20 के आंकड़े के मुताबिक इस वर्ष चावल की कुल पैदावार 118.43 मिलियन टन  जिसमें महज 43.26% की खरीदी की गई ।

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इसी तरह गेहूं के लिए कुल उत्पादन 107.59  मिलियन टन  रहा जिसमें से केवल 28.99 मिलियन टन एमएसपी (MSP) पर खरीदा गया। इसी तरह चना की उत्पादन की18.47 % सरसों के उत्पादन की खरीद एमएसपी पर की गई|

एमएसपी तय करने के बाद सरकार प्रत्यक्ष रूप से फसलों की खरीद नहीं करती ,बल्कि स्थानीय सरकारी एजेंसी के जरिए अनाज खरीद कर फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया एफसीआई, नेशनल एग्रीकल्चर कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के पास अनाज का भंडारण रखती है फिर इन्हीं भंडारण के जरिए पीडीएस के माध्यम से गरीबों तक सस्ते दामों में अनाज पहुंचाया जाता है |

एमएसपी से जुड़ी एक और समस्या इसका कानूनी रूप से बाध्यकारी ना होना एमएसपी का निर्धारण कृषि लागत और मूल्य आयोग सीए सीपी CACP की सिफारिशों के आधार पर एमएसपी का निर्धारण किया जाता है |

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MSP व्यवस्था में सुधार के लिए किये गए प्रयास

एमएसपी में सुधार की मांग लंबे समय से की जा रही है कई किसान संगठनों का मानना है कि किसानों के लिए एमएसपी की नीति तभी फसलों पर प्रासंगिक रूप से लागू की जाती है. तो इससे किसानों द्वारा फसलों के उत्पादन और विविधीकरण को बढ़ावा मिल सकेगा |

इस दिशा में सीएसीपी (CACP) ने भी 2018-19 के खरीफ मार्केटिंग सीजन के लिए अपनी मूल्य नीति रिपोर्ट में किसानों के लिए the right to sale at MSP के बारे में कानून बनाने का सुझाव दिया था |

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किसानों की बढ़ती मांगों को देखते हुए कई राज्य सरकारों ने इस दिशा में कदम उठाए हैं जैसे पंजाब विधानसभा ने केंद्रीय कानूनों के लिए संशोधन विधेयक पारित किया है |

केरल राज्य ने 16 प्रकार की सब्जियों के लिए एमएसपी की घोषणा की है यहां एमएसपी का निर्धारण सब्जी का उत्पादन लागत से 20% अधिक पर किया जाएगा |

इसके अलावा एमएसपी मुल्य को नियमित आधार पर संशोधित करने का प्रावधान भी किया गया है लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा कृषि सुधार की दिशा में उठाए जाने वाले यह कदम अपने आप में पर्याप्त नहीं होंगे |

आगे की राह क्या हो

कृषि सुधारों का मुद्दा देश के आर्थिक राजनीतिक और सामाजिक तीनों पहलुओं से संबंधित होता है | ऐसे में भारत का किसान एमएसपी प्रणाली के माध्यम से एक न्यूनतम आय की सुरक्षा को सुनिश्चित करना चाहता है

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केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के बीच कृषि कानूनों को लेकर नीतिगत मतभेद देश के संघात्मक ढांचे को कमजोर करते हैं क्योंकि कृषि संविधान के तहत राज्य का विषय है जिसे सूची में प्रविष्टि 14 के रूप में सूचीबद्ध किया गया है |

ऐसे में केंद्र सरकार को चाहिए कि वह कृषि और किसानों की आय से जुड़े सुधारो को लेकर राज्य के साथ बातचीत के बाद कोई नीतिगत फैसला करें|

ऐसे में सरकार को कृषि मूल्य नीति के लिए उपयुक्त तालमेल की जरूरत है जिसे आंशिक रूप से कृषि मूल्य का निर्धारण राज्य समर्थित और आंशिक रूप से बाजार संचालित हो सके |

Msp full form in Hindi से सम्बंधित FAQ

1. एमएसपी कौन लागू करता है?

फसलों पर एमएसपी का मूल्य निर्धारण मूल्य आयोग एवं कृषि लागत द्वारा सभी फसलों के लिए दाम तय की जाती है

2. एमएसपी की शुरुआत कब हुई?

एमएसपी की शुरुआत सबसे पहले 1965 में हुई थी जिससे पीएल 480 कहां जाता था

3. हिंदी में msp का फुल फॉर्म क्या होता है ?

हिंदी में msp का फुल फॉर्म न्यूनतम समर्थन मूल्य होता है

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दोस्तों हमें उम्मीद है कि हमने इस लेख के माध्यम से आपको एमएसपी के बारे में पूरी विस्तार से बताने की कोशिश की है जैसे की एमएसपी क्या है Msp full form in Hindi एवं एमएसपी से संबंधित अन्य सवालों का जवाब देने की कोशिश की गई है अगर आप कोई आर्टिकल पसंद आया आता हो तो आप हमें कमेंट जरूर करें|

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