रोबोट क्या है | सोफिया रोबोट क्या है और भारत में रोबोट

क्या आप जानते हैं की रोबोट क्या है ? सोफिया रोबोट क्या है और भारत में रोबोट का विकास कैसे हो रहा है अगर नहीं जानते तो हम आप आज इस आर्टिकल में पूरी विस्तार से रोबोट के बारे में जानेंगे तो आप आर्टिकल को पूरा पढ़ें अगर आर्टिकल पसंद आया अपना प्यार जरूर शेयर करें |

मानव जैसे रोबोट ( robot ) की मिली नागरिकता

हाल ही में सऊदी अरब दुनिया का पहला ऐसा देश बना जिसने एक रोबोट को नागरिकता प्रदान की है इस रोबोट का नाम सोफिया है. रोबोट को एक महिला के रूप में विकसित किया गया है |

इसके निर्माता कंपनी हांगकांग की हेंसंग रोबोटिक्स है सोफिया एक तकनीकी सम्मेलन में खुद बातचीत के लिए शामिल हुई इस सम्मेलन का आयोजन सऊदी अरब की राजधानी रियाद में किया गया था |

सऊदी अरब में सोफिया रोबोट पर उठते सवाल. 

सोफिया रोबोट को मिली नागरिकता की खबर ने दुनिया भर के लोगों को खूब चौकाया है .खासतौर पर सऊदी अरब के महिलाओं की तरफ से सोशल मीडिया पर तेजी से प्रतिक्रिया प्रकट की गई |

फेसबुक और ट्विटर पर सवाल खड़े किए गए क्या सोफिया रोबोट ( sophia robot )  को सऊदी अरब की आम मुस्लिम महिलाओं से ज्यादा अधिकार प्राप्त हैं | क्योंकि सोफिया बिना किसी पुरुष अभिभावक की तथा बिना बुर्के के मंच पर उपस्थित हुई |

सऊदी अरब के कानून के अनुसार कोई भी मुस्लिम महिला बिना पुरुष अभिभावक की सहमति की शादी करने पासपोर्ट के लिए आवेदन करने देश से बाहर जाने विदेश में पढ़ने सार्वजनिक स्थान पर बिना बुर्के के निकलने जैसे कार्य नहीं कर सकती |

इन्हीं कारणों से इस बहस ने जोर पकड़ लिया कि एक रोबोट महिला की को आम सऊदी महिला से अधिक अधिकार कैसे प्रदान किए जा सकते हैं . कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया की सोफिया एक विदेशी महिला की तरह दिखती है. तो क्या सोफिया का मुस्लिम के रूप में धर्म परिवर्तन कराया गया है |

यदि कराया गया है तो इसे आम सऊदी महिलाओं से अलग विशेष अधिकार क्यों दिए गए हैं. और धर्म परिवर्तन नहीं कराया गया है. तो सोफिया विदेशी होने के कारण सऊदी अरब की नागरिक नहीं बन सकती |

क्योंकि सऊदी अरब के कानून के अनुसार गैर मुस्लिम जग व्यक्ति को नागरिकता प्रदान नहीं की जा सकती है. इस तरह के तमाम सवालों से सोशल मीडिया भर गया किंतु सऊदी सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक जवाब प्रदान नहीं किया गया | आगे देखने वाली बात होगी कि सऊदी अरब की सरकार इन सवालों का जवाब इस तरह देती है |

सोफिया रोबोट ( sophia robot )के कुछ खास बातें

सोफिया रोबोट(  sophia robot )के कुछ खास बातें हैं जो इसे पहले के रोबोट से अलग बना देती है. सोफिया प्रश्नों के जवाब बेहद आसानी से दे सकती है | जब सम्मेलन में सोफिया से उनको मिली नागरिकता के बारे में सवाल किया गया तो सोफिया ने बड़ी सहजता से जवाब दिया |

मुझे मिले इस मौलिक पहचान से मैं बेहद सम्मानित और गौरवान्वित हूं विश्व में पहली बार एक रोबोट को नागरिकता मिलना ऐतिहासिक है

सोफिया चेहरे के हाव भाव प्रकट करने में समर्थ है. किंतु या कृतिम संवेदनशीलता और मानवीय संवेदनशीलता से कितनी मिलती जुलती है यह एक मौलिक और जरूरी सवाल है ऐसे प्रश्नों का जवाब हम इस आर्टिकल के जरिए खोजने की कोशिश करेंगे |

जापानी रोबोट शिबूया मिरे की खास बात

जापान ने भी एक 7 साल के रोबोट को टोक्यो शहर का निवासी घोषित किया है. इस 7 साल के रोबोट का नाम सीबुआ मेरे है सीबुआ मेरे रोबोट सऊदी अरब के सोफिया रोबोट की तरह भौतिक रूप से उपस्थित नहीं है |  यह केवल डिजिटल रूप में उपस्थित है |

यह जापान की लाइव चैटिंग ऐप लाइन पर हर समय चैटिंग करने के लिए उपलब्ध रहता है लेकिन सोफिया की तरह सीबुआ मेरे भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से युक्त है| इस तरह से देखा जाए कि एक प्रकार का यह नया चलन है जो दुनिया भर में अवगत ही पकड़ रहा है |

रोबोट क्या है ( what is robot )

रोबोट एक मशीन है जो एक या कई कार्यों को स्वचालित तरीके से तीव्र गति से एवं शुद्धता के साथ अंजाम देती है | रोबोट अपने प्रकार और उद्देश्य के आधार पर कई तरह के हो सकते हैं .

रोबोट क्या है
             cradit : pixabay.com

रोबोट कितने प्रकार के होते है

मोटे तौर पर देखें तो रोबोट 3 तरह के होते हैं

  1. व्यवसायिक
  2. सामरिक
  3. व्यक्तिगत
  • व्यवसायिक रोबोट : का प्रयोग मॉल रेस्टोरेंट और एयरपोर्ट पर किया जा सकता है |
  • सामरिक रोबोट : का प्रयोग सुरक्षा अर्थात बॉम डिफ्यूजिंग सैनिकों के रूप में दुर्गम स्थानों पर तैनाती के रूप में किया जा सकता है |
  • व्यक्तिगत रोबोट:  का प्रयोग घर के कामकाज तथा असिस्टेंट के रूप में किया जा सकता है जैसे एप्पल का सीरी मोटो फोन का हेलो मोटो तथा गूगल का ओके गूगल स्मार्टफोन में प्रयोग करते हैं यह सब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ही रूप है |

रोबोट का विकास क्रम

रोबोट आज के रूप में आने से पहले कई रूपों से होकर गुजरा है. प्राचीन और मध्यकालीन समय में भी रोबोट के अस्तित्व की बात की जाती रही है | किंतु यह दंत कथाओं के रूप में ही विद्यमान है |

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मध्यकालीन समय की बात करें तो चित्रकार लियोनार्डो द विंची ने एक मानव की तरह दिखने वाली रोबोट का चित्र बनाया जो वास्तविक रूप से वह कभी निर्मित हुआ या नहीं इसका पता नहीं चला |

रोबोट क्या है | सोफिया रोबोट क्या है और भारत में रोबोट
        cradit : dristi ias youtube

रोबोट कुछ इस तरह डिजाइन किया गया था कि वह चल सकता था हाथ ऊपर नीचे कर सकता था और गर्दन को घुमा सकता था यह चित्र लगभग 1495 के आसपास बनाया गया था |

रोबोट का नाम रोबोट क्यों परा ?

1921 में रोबोट को रोबोट नाम मिला यह नाम करण लेखक कैरल कैपेक ने दिया  | कैरल कैपेक ने एक नाटक के अंतर्गत मानव रोबोट का पात्र गढ़ा था | इस कहानी में एक आदमी रोबोट का निर्माण करता है जो अपने बनाए हुए रोबोट( robot )  के द्वारा ही मारा जाता है | इस तरह देखा जाए तो इस कहानी में मानव रोबोट से उत्पन्न हुए होने वाले खतरों के और इशारा किया गया था |

रोबोट क्या है | सोफिया रोबोट क्या है और भारत में रोबोट
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वर्तमान में रोबोट कार्यक्रम

आज रोबोट कार्यक्रम विकसित रूप में हमारे सामने आए है | बड़ी-बड़ी कंपनियां जैसे होंडा और सोनी अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए रोबोट विकास कार्यक्रम चला रही है | इन्हें इस क्षेत्र में काफी सफलता भी मिली है | इनके अलावा अमेज़न , फेसबुक तथा कई आईटी कंपनियां भी रोबोट निर्माण की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है |

अमेजॉन साइट अपने उत्पादों की पैकिंग तथा डिलीवरी में रोबोट का प्रयोग करना चाहती है अमेजन ने ड्रोन डिलीवरी के भी सफल परीक्षण किए हैं |

जापान और चीन जैसे देशों में इस तरह के रोबोट देखे जा सकते हैं | जापान ,चीन, अमेरिका ,ब्रिटेन तथा इजरायल जैसे देश इस दिशा में बेहद विकास कर चुके हैं |

भारत में रोबोट कार्यक्रम

द इंडियन अंडर वाटर रोबोटिक सोसाइटी ( आई यू आर एस ) भारत की पहली और लाभकारी शोध संस्थान है जो कि कम कीमत में रोबोट विकसित करने हेतु कार्य करती है |

2004 में स्थापित होने के बाद यू आर एस संस्थान ने सरकार और शिक्षण प्रस्तुत प्रतिष्ठानों में रोबोट विकास कार्यक्रम के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए हैं |

रोबोटिक सोसाइटी ऑफ इंडिया जिसकी स्थापना जुलाई 2011 में की गई थी.  यह संस्था अपने प्रकृति से मुख्यता अकादमिक स्वरूप में है | इस संस्था का कार्य भारत में रोबोट तथा स्व संचालित मशीनों के विकास पर ध्यान देना है | भारत में अभी रोबोट विकास कार्यक्रम जापान अमेरिका और चीन जैसा विकसित नहीं है |

अभी भारत को इस दिशा में शोध करने और बड़े कार्यक्रम चलाने की जरूरत है. भारत में चलाए जा रहे इस स्मार्ट सिटी जैसे कार्यक्रमों में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग किया जाएगा |

भारत में भी कोशिश की जा रही है कि रोड पार्क सर्वजनिक स्थलों पर जलने वाली लाइट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए दिन-रात के हिसाब से खुद ही ऑन ऑफ हो जाएंगे |

 रोबोट से होने वाले विभिन्न खतरे

  • यदि रोबोट के द्वारा मानव श्रम के तुलना में सस्ता श्रम उपलब्ध होने लगे तो बेरोजगारी का स्तर बढ़ जाएगा |
  • रोबोट को एक बार खरीद लेने के बाद उसे मासिक पगार नहीं देनी पढ़ती है . जो इसका बुरा असर सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में पड़ेगा क्योंकि इस क्षेत्र में तकनीक का प्रयोग सबसे अधिक होता है |
  • अगर रोबोट का विकास तेजी से होने लगा तो लोग अपने पर्नसंल कामों के लिए भी रोबोट का उपयोग करने लगेंगे ‘ जिससे लोग का जीवन बीमारियों से भर जायेगा |

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दोस्तों उम्मीद करता हूं कि आप इस आर्टिकल में जाने होंगे रोबोट क्या है ,सोफिया रोबोट क्या है और भारत में रोबोट का कार्यक्रम एवं उससे संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियॉ हासिल किए होंगे अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो तो हमें कॉमेंट जरूर करें :  धन्यवाद

 

 

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